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    पिपरामूल के आयुर्वेदिक लाभ,आयुर्वेद में एक महत्वपूर्ण औषधि मानी जाती है। इसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं: संतोष कुमार गुप्ता



    उत्तर प्रदेश बलिया 
    इनपुट: हिमांशु शेखर 

    बलिया उत्तरप्रदेश:--पिपरामूल के आयुर्वेदिक लाभ,पिपरामूल, जिसे पिपली (लॉन्ग पीपर) की जड़ भी कहा जाता है, आयुर्वेद में एक महत्वपूर्ण औषधि मानी जाती है। इसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं:

    1. पाचन तंत्र को सुधारता है,अपच, गैस और कब्ज में फायदेमंद होता है।भूख बढ़ाने में सहायक होता है।

    2. सर्दी-खांसी और श्वसन रोगों में लाभकारी :

    कफ को कम करता है और बलगम निकालने में मदद करता है।अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और सांस की समस्या में उपयोगी है।

    3. दर्द निवारक और सूजन कम करने वाला जोड़ों के दर्द और सूजन में राहत देता है।वात रोगों में फायदेमंद होता है।

    4. इम्यूनिटी बढ़ाता है : शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।सर्दी-ज़ुकाम से बचाने में मदद करता है।

    5. त्वचा रोगों में सहायक : खुजली, फोड़े-फुंसी और अन्य त्वचा समस्याओं में लाभदायक।खून साफ करने में मदद करता है।

    6. वजन घटाने में मददगार : मेटाबॉलिज्म को तेज करता है, जिससे वजन घटाने में सहायता मिलती है।

    7. मूत्र विकारों में फायदेमंद : पेशाब संबंधी दिक्कतों को दूर करता है।गुर्दे को स्वस्थ रखने में सहायक है।

    सेवन विधि :

    चूर्ण: 1/4 से 1/2 चम्मच शहद या गर्म पानी के साथ।काढ़ा: पिपरामूल को उबालकर पीने से अधिक लाभ मिलता है।कैप्सूल या टैबलेट: डॉक्टर की सलाह के अनुसार।

    सावधानी:

    गर्भवती महिलाएं और अधिक गर्म तासीर वाले लोग इसका सेवन डॉक्टर की सलाह से करें।अधिक मात्रा में सेवन से पेट में जलन हो सकती है।अगर आप इसे किसी विशेष रोग के लिए लेना चाहते हैं, तो किसी आयुर्वेद विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होगा।

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