उत्तर प्रदेश प्रयागराज
इनपुट: रमाशंकर गुप्ता
लखनऊ:---दर्शनार्थी और मां गंगे पर आस्था रखने वाले के सम्मान में कोई भी कितना भी बड़ा वीआईपी हो हजारों नहीं लाखों नहीं करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है
वीआईपी के चक्कर में छोटे बच्चे महिला बुजुर्ग हिंदू आस्था से जुड़े लोगों को फालतू जानबूझकर यहां वहां घूमर विपयों के लिए रास्ता बंद करना और उनके दर्शन करवाना बिल्कुल शर्मनाक बात है
जिनकी वजह से हमारी धार्मिक आस्था प्रयागराज पर ठेस पहुंची है
कुछ लोगों की जान जाने की खबर दबी दबी लोग डर के मारे बात नहीं रहे हैं की अवस्था का अंबार लगा हुआ है
भगदड़ में अनगिनत लोग मारे गए हैं जिसकी पुष्टि नहीं हो पा रही है कम संख्या बतलाई जा रही है
ऐसा लोगों को सूत्रों के माध्यम से पता चल रहा है कि यह राष्ट्र कुक्कलंकित करने का एक षड्यंत्र है
हिंदू के नाम पर हिंदुओं को परेशान कर रहे हैं कुछ मुट्ठी भर लोग अपनी वह भाई के चक्करमें
तानाशाही बिल्कुल नहीं होना चाहिए सफाई कर्मी पुलिसकर्मी और अन्य व्यवस्थाएं संपूर्ण व्यवस्था के लिए सचमुच में बधाई के पात्र हैं करोड़ों लोगों को काफी अच्छा लगा भी मगर उससे 10 गुना लोगों ने शिकायत की है कि जहां पर एक व्यक्ति को हजार रुपए खर्च छोड़ा था वहां ₹10000 खर्च हुआ है नाजायज तौर पर लुटा मेरी मोटरसाइकिल वाले लोग कोई ₹500 तो कोई हजार रुपए तो कोई ₹1500 ले रहा है पूरा देश को लूट है जिससे बहुत गंदा खराब मैसेज गया है इसको बहुत मामूली बात समझ रहे हैं
जिससे व्यवस्था को कलंकित किया गया है महिला बुजुर्ग भी पैदल चलने से पीछे नहीं रहे जानबूझकर वीआईपी लोगों की सेवा में रास्ते बंद करने का निर्णय लिया जा रहा है जिससे जीवन में पहली बार इतनी अच्छी व्यवस्था को कलंकित कर दिया है 10 लाख देश के वीआईपी लोगों की वजह से 140 करोड़ जनता के लिए मुसीबत बने वीआईपी
जीवन में कभी भी किसी हिंदू ने इतना पैदल नहीं चला होगा जितना पहली बार हिंदुओं को लगभग 2 किलोमीटर से लगाकर लोगों का कहना है कि 25 किलोमीटर तक महिला बच्चों बुजुर्ग बीमार व्यक्ति को चलाया गया
यह कैसी व्यवस्था हर कोई व्यक्ति झूठी तारीफ कर रहा है माथे पर कालिक पोटकर अच्छी व्यवस्था है कर कर माइक पर मीडिया के सामने बोलकर पीछे वही परिवार मिलकर कह रहे नहीं बोलेंगे तो हमारी फिल्म और हो जाएगी इसलिए हमको जानबूझकर बोलने लगाया जाता है आजकल जब तक नेताओं के व्यवस्थाओं की तारीफ नहीं करें वहीं से हम लोगों के पीछे बीमारी लगा चालू हो जाएगी इसलिए चलो प्रयागराज चलो प्रयागराज का गाना गाना पड़ता है जीवन में कभी भी इतने बड़े-बड़े महाकुंभ हर 12 साल में आते हैं हर साल यह 3 साल या 2 साल के अंदर कहीं ना कहीं अर्थ कुम्मी चारों जगह में से एक जगह लगता आई है और लगता रहेगी इस कोई बंद नहीं कर सकता जीवन में पहली बार अनगिनत लोगों ढूंढने में अधिक समय लग रहा है जो गुम हुए हैं आज दिनांक तक पता नहीं चला
राष्ट्रीय में राष्ट्र की जनता की सुरक्षा व्यवस्था महिला बुजुर्ग के फेवर में आज काम करने की आवश्यकता है
राष्ट्र को कलम कितना किया जाए व्यवस्था में सुधार करने की बहुत बड़ी भारी आवश्यकता बतलाई जा रही है
वीआईपी के नाम पर भारत की जनता और हिंदुओं के साथ जो छल कपट भेदभाव किया जा रहा है वह बिल्कुल भी ठीक नहीं है ऐसा लोग बताई जा रहे हैं
मां गंगे काजल आचमन करने में भी लोग विचार करने लगे हैं इनकी ऐसी व्यवस्था के चलते अब विचार करने की आवश्यकता है
विप साधु संत आम जनता में फर्क बताया जा रहा है भेदभाव किया जा रहा है मारेंगे में हर कोई स्नान करना चाहता है मगर भारत की बड़ी भारी संख्या को सही और उचित जगह स्नान करने से वंचित रखा गया है ऐसा भी आप है जहां जाना चाहिए था वहां ना स्नान करवा कर पब्लिक को वापस करने के लिए भीड़ की वजह से उचित स्थान पर स्नान नहीं करने दिया गया है वीआईपी लोगों के लिए अलग स्थान रखा गया है और साधु संतों को पवित्र गंगाजल से साइन स्नान करवाया जा रहा है यह बहुत अच्छी बात है फिर जनता के साथ में क्यों भेदभाव किया गया और क्यों किया जा रहा है किसके इशारे पर उनके जल को लोग आज मन नहीं कर सकते वहां पर जनता को डुबकी लगाने के लिए अलग से व्यवस्था कर दी गई है जो सचमुच में डुबकी लगाने के बाद सर से लगाकर पूरे शरीर से नीचे तक धूल मिट्टी से लोगों ने डुबकी लगाई है इस पर भी गंभीर विचार करने की आवश्यकता है क्योंकि करोड़ करोड़ जनता का विश्वास है विश्वास कम ना हो विश्वास बढ़ाने के लिए हमें कदम उठाने की आवश्यकता थी आज मगर उसे व्यवस्था से वंचित रखा गया आज हर कोई मुंह पर कुछ बोलता है पीछे कुछ बोलता है जिस विश्वास कम होने की संभावना को देखते हुए धर्म के प्रति राष्ट्र के प्रति ईमानदारी करने की आवश्यकता है सब गुमराह कर रहे हैं एक दूसरे को डर के लोग ड्यूटी कर रहे हैं आज आजाद देश में गुलाम बने हुए हैं हमारे सरकारी मूलजी अखाड़े से आधी रात को उठाकर उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया गया है जिसकी वजह से बड़ी भारी जान-माल की नुकसान का सामना करना पड़ा है ओम शांति ओम शांति राष्ट्रीय सेवा में हिंदू के फेवर में और ईमानदारी से जांच कर दोषी व्यक्तियों को कड़ी से कड़ी सजा मिली चाहिए जिससे राष्ट्र के प्रति विश्वास बना रहे और धर्म के प्रति लोगों की आस्था जुडी रहे धर्म से कोई लटके ना हमारे धर्म को कमजोर करने का बड़ा भारी प्लान है उसे सक्सेस नहीं होने दिया जाएगा आस्था किसी की मां गंगे के प्रति कम ना हो जो भी भेदभाव किया है बड़ी से बड़ी संख्या में अधिक किसी को सत्य से सख्त सजा देना पड़े देना चाहिए बेरोजगारी 90% है 10% व्यक्तियों को अधिक सजा देकर राष्ट्र के हित में काम होता है तो इससे अच्छी कोई बात नहीं धर्म से और राष्ट्र से धोखा नहीं होने देंगे गंदी राजनीति से भी दूर रहना चाहिए और दूर करके रहेंगे जनता के हित में और राष्ट्रगीत में ईमानदार लोगों की इस देश में कमी नहीं है ईमानदार नेताओं को आगे आना पड़ेगा अब नहीं चलेगी बेईमान राजनेताओं की जय गंगा मैया जय जवान जय किसान भारत माता की जय

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