उत्तर प्रदेश बलिया
इनपुट: हिमांशु शेखर
बलिया उत्तरप्रदेश:---ज्वार, बाजरा, रागी,सावां, कंगनी, चीना, कोदो, कुटकी और कुट्टू को मोटा अनाज कहा जाता है। मोटे अनाज की रोटी न केवल स्वादिष्ट होती है, बल्कि यह सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होती है।
1. बाजरे की रोटी : राजस्थान में बहुत लोकप्रिय, बाजरे की रोटी गर्मी देती है और मैग्नीशियम, कैल्शियम जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होती है।
2. मक्के की रोटी : पंजाब में बहुत पसंद की जाने वाली, मक्के की रोटी शुगर वालों के लिए बहुत फायदेमंद होती है।
3. जौ की रोटी : यूपी और बिहार में बहुत लोकप्रिय, जौ की रोटी फाइबर से भरपूर होती है और पाचन में मदद करती है।
4. चने की रोटी : प्रोटीन से भरपूर, चने की रोटी शाकाहारियों के लिए एक अच्छा विकल्प है।
5. ज्वार की रोटी : महाराष्ट्र में बहुत लोकप्रिय, ज्वार की रोटी फाइबर और प्रोटीन से भरपूर होती है।
इन मोटे अनाजों की रोटी को अपने आहार में शामिल करने से न केवल आपको स्वादिष्ट विकल्प मिलेंगे, बल्कि आपकी सेहत भी अच्छी रहेगी।
मोटे अनाज में कई पोषक तत्व होते हैं और इनके कई फ़ायदे हैं:
मोटे अनाज में गेहूं और चावल की तुलना में साढ़े तीन गुना ज़्यादा पोषक तत्व होते हैं.
मोटे अनाज में खनिज लवण भी भरपूर मात्रा में होते हैं.
मोटे अनाज शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को मज़बूत करते हैं.
मोटे अनाज खून की कमी को पूरा करते हैं.
मोटे अनाज मधुमेह को रोकते हैं.
मोटे अनाज गर्भवती महिलाओं और शिशुओं के लिए भी फ़ायदेमंद होते हैं.
मोटे अनाज में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम होती है, जो हाई बीपी और दिल से जुड़ी समस्याओं का खतरा कम करने में मदद करती है.
मोटे अनाज में मौजूद फाइबर पेट को लंबे समय तक भरकर रखते हैं.
मोटे अनाज तासीर में गर्म होते हैं, जिससे सर्दियों में शरीर को गर्माहट मिलती है.
ज्वार, बाजरा, रागी, सावां, कंगनी, चीना, कोदो, कुटकी, और कुट्टू को अपनी रोटी में जरूर शामिल कीजिये।

TREND