उत्तर प्रदेश झांसी
इनपुट:सोशलमिडिया
उत्तर प्रदेश झांसी :---यह पूरा मामला उत्तरप्रदेश के झांसी से है जहां करीब 9 साल पहले धनेंद्र कुशवाहा की शादी आरती से हुई। इसी शादी में धनेंद्र कुशवाहा के जीजा प्यारेलाल और आरती की मुलाकात हुई। यह मुलाकात जल्द ही प्यार में बदल गया। फिर दोनों चोरी-चुपी के दूसरे से बात करने लगे।
इसके बारे में परिजनों को खबर तक नहीं थी। दामाद होने की वजह से प्यारेलाल को धनेंद्र कुशवाहा के घर पर आना-जाना था। ऐसे में प्यारेलाल ने बात करने के लिए आरती को एक मोबाइल भी दिया था।
धनेंद्र कुशवाहा ने बताया- शादी के कुछ समय बाद मेरी पत्नी आरती का स्वभाव बदल गया। वो चोरी छुपे किसी से बात करती थी। इसका पता दो माह पहले चला। जब मैंने उसके पास एक मोबाइल पकड़ा। पूछने पर बोली-धर्मेंद्र से बात करती हूं। मायके वालों को कुछ न बताना। अब बात नहीं करूंगी। कान पकड़कर माफी मांगी। तब मैंने समझाया और कहा कि अब ऐसा मत करना। मगर 15 दिन बाद दूसरा मोबाइल पकड़ा गया। तब मैंने अपनी सास को फोन लगाया और सबकुछ बता दिया।
बहन ने पूरा भेद खोला
धनेंद्र ने आगे बताया- मैं धर्मेंद्र को पत्नी का प्रेमी समझ रहा था। एक दिन बहन का फोन आया और बोली कि परेशान मत हो। आरती तुमसे झूठ बोल रही है। वो धर्मेंद्र से नहीं, तुम्हारे जीजा प्यारेलाल से बात करती है। ये बात मुझे प्यारेलाल ने ही बताई है।
तब बहन ने जीजा को समझाया कि तुम आरती से बात मत करना। मैंने आरती को समझाया तो बोली कि ठीक है अब बात नहीं करेंगे। मैंने जीजा को भी बोला तो बोले कि गलती हो गई। आज के बाद ऐसा नहीं करेंगे। कान भी पकड़े थे। माफी भी मांगे है।
लेकिन फिर आरती कुछ दिन के लिए अपने मायके चली गई वही से आरती मार्केट बाजार करने के लिए जाती वही पर प्यारेलाल भी आते और दोनों लोग गांव के बगल के जंगल में जाकर सुसाईड कर लेते।

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