उत्तर प्रदेश बलिया
इनपुट: हिमांशु शेखर
बलिया :--- तेल भंडार की खोज को लेकर हाल के वर्षों में काफी चर्चा हुई है।
ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ONGC) ने इस क्षेत्र में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की संभावना की जांच के लिए सर्वेक्षण और ड्रिलिंग कार्य शुरू किया है। खास तौर पर बलिया के सागरपाली गांव के पास गंगा बेसिन में यह गतिविधि चल रही है, जहां 3,000 मीटर की गहराई पर तेल भंडार होने के संकेत मिले हैं।
2021 में शुरू हुए सर्वेक्षणों में ONGC ने अमेरिकी सैसमिक मशीनों और अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया था, जिससे हैबतपुर और सागरपाली जैसे क्षेत्रों में तेल की मौजूदगी की संभावना जताई गई। 2025 में इस प्रक्रिया ने और गति पकड़ी, जब ONGC ने सागरपाली में स्वतंत्रता सेनानी चित्तू पांडेय के परिवार की जमीन को लीज पर लेकर खुदाई शुरू की। यह भंडार संभावित रूप से 300 किलोमीटर के क्षेत्र (सागरपाली से प्रयागराज के फाफामऊ तक) में फैला हो सकता है।
हालांकि, अभी तक यह पुष्टि नहीं हुई है कि तेल व्यावसायिक मात्रा में उपलब्ध है या नहीं। ड्रिलिंग और भौगोलिक परीक्षण के परिणाम आने के बाद ही इसकी वास्तविक मात्रा और उपयोगिता का पता चलेगा। अगर यह खोज सफल होती है, तो यह न केवल बलिया और उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बदल सकती है, बल्कि भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता में भी योगदान दे सकती है। स्थानीय किसानों को जमीन के अधिग्रहण से आर्थिक लाभ की उम्मीद है, लेकिन पर्यावरणीय प्रभाव भी एक चर्चा का विषय हो सकता है।
फिलहाल, यह प्रक्रिया जारी है और अप्रैल 2025 तक कुछ ठोस नतीजे सामने आने की संभावना है।

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