उत्तर प्रदेश सुल्तानपुर
इनपुट:सोशल मीडिया
सुलतानपुर :---गैंगस्टर सिराज के करीबी शहदाब उर्फ सादाब अंसारी के पास से पुलिस ने की लाखों की स्मैक बरामद। सामने आई जानकारी के मुताबिक बीते एक अप्रैल को ही सादाब को हिरासत में लेने की बात आई थी सामने,जिसके पास से मोटर साइकिल वाहन संख्या-यूपी 44 एएस-3359 व अन्य प्रतिबंधित सामान भी बरामद होने की बात आई थी सामने। फिलहाल थाना प्रभारी सत्येंद्र सिंह के जरिये दर्ज कराई गई एफआईआर कुछ और ही कहानी कर रही बयां। पुलिस एफआईआर के मुताबिक बीते तीन अप्रैल को कामतागंज से बभनगवा रोड पर बिना किसी मोटर साइकिल व अन्य सामान के सिर्फ 299 ग्राम स्मैक व एक मोबाइल के साथ सादाब अंसारी को किया गया गिरफ्तार। लाखो में आंकी जा रही बरामद स्मैक की कीमत,फिलहाल सामने आई कहानी से पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहा सवाल*
*मिली जानकारी के मुताबिक बहुचर्चित अधिवक्ता आजाद हत्याकांड में फरार चल रहे सिराज अहमद का करीबी है बरौंसा-जयसिंहपुर का रहने वाला सादाब। जिसके जरिये बीते दिनों में अभियोजन पक्ष के वकीलों के प्रति धमकी भरा पोस्ट करने की बात आई थी सामने। मृतक अधिवक्ता आजाद के पिता अभियोगी मो शमीम के मुताबिक शहदाब, मंसूर, अल्तमश व दानिश हसनैनिया अनेकों तरीके से सुलह को लेकर बना रहे थे दबाव,जिसके सम्बन्ध में कई बार हुई शिकायत लेकिन थाना प्रभारी सत्येंद्र सिंह लगातार आरोपियो का करते रहे बचाव। मिली जानकारी के मुताबिक बीते दिनों में जब वकीलों के प्रति धमकी भरी पोस्ट की खबर हुई वायरल तो बड़े जद्दोजहद के बाद हरकत में आई कोतवाली देहात पुलिस ने बीते तीन मार्च को शहदाब सहित चारो आरोपियो के खिलाफ दर्ज की धमकी की एफआईआर। धमकाने वाले आरोपियो से वादी पक्ष व उनके वकीलों को माना जा रहा खतरा,जिसके मद्देनजर शिकंजा कसने को लेकर काफी दिनों बाद पुलिस मात्र शहदाब उर्फ सादाब को कर पाई गिरफ्तार,जिसकी गिरफ्तारी में भी मनमानी रिपोर्ट दर्शाकर कर दिया गया खेला। मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान बार अध्यक्ष रणजीत सिंह त्रिसुंडी,शेख नजर अहमद व डीजीसी क्रिमिनल राम अचल मिश्र कर रहे अभियोजन पक्ष से पैरवी। वहीं सादाब के अलावा अन्य तीनो आरोपियो व हत्याकांड में वांछित चल रहे आरोपियो की गिरफ्तारी अभी है शेष,जिनसे खतरा बरकरार*
*मृतक अधिवक्ता आजाद अहमद के पिता मो.सलीम ने भी पूर्व व वर्तमान में मिली धमकी को लेकर तथा कोतवाली देहात थानाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह के जरिये कोई सुनवाई न होने पर एसपी को दिया था शिकायती पत्र। पैरवी कर रहे अधिवक्ता शेख नजर अहमद ने भी एसपी से मिलकर व बार अध्यक्ष-महासचिव को पत्र देकर मामले में प्रभावी के लिए की थी मांग। फरार सिराज का करीबी है पोस्ट डालने वाला युवक शहदाब अंसारी। मिली जानकारी के मुताबिक अधिकतर अहमदाबाद में रहकर सिलाई का काम करता था शहदाब,फिलहाल उसे सिलाई के बजाय किसी का यसमैन बनकर माफियागिरी का चढ़ा था नशा,योगी सरकार की सख्ती ने उतारा नशा। ऐसे अपराधियो पर शिकंजा कसने को लेकर सरकार अन्य प्रभावी कार्रवाईयो के लिए भी दे सकती है निर्देश*
*कुछ दिनों पहले सिराज के करीबी शहदाब अंसारी नाम के युवक के जरिये अपनी आईडी से '313' नाम के ग्रुप में आजाद अहमद जैसा हश्र होने सम्बन्धी किया गया था पोस्ट,सिराज के करीबी की पोस्ट हुआ था वायरल। मामले में थानाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार सिंह की बडी लापरवाही आ चुकी है सामने। थानाध्यक्ष की ढुलमुल कार्यशैली सामने आने के चलते नहीं मानी जा रही फरार हत्यारोपी सिराज व उसके गैंग के लोगो पर कार्रवाई। इतने बड़े मामले में वांछित होने व कहने के लिए इस इनामी अपराधी के पीछे पुलिस लगी होने के बावजूद इस दुस्साहसिक कृत्य से पुलिस की करतूत हो रही उजागर। कितनी सक्रिय है जिले की पुलिस व गिरफ्तारी को लेकर लगी टीम,सब कुछ आ रहा सामने। योगी सरकार जल्द फरार सिराज व उसके करीबियों पर शिकंजा कसने को लेकर ले सकती है बड़ा एक्शन। कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के भुलकी चौराहे के पास छह अगस्त वर्ष-2023 की शाम गोली मारकर हुई थी युवा अधिवक्ता आजाद अहमद की हत्या।

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