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    Navaratri:नवरात्रि आत्मचिंतन और शक्ति का पर्व है,देवी के नौ रूप हमें सिखाते हैं: संतोष कुमार गुप्ता

    उत्तर प्रदेश बलिया 
    इनपुट: हिमांशु शेखर 
    बलिया उत्तरप्रदेश:--नवरात्रि आत्मचिंतन और शक्ति का पर्व है।
    देवी के नौ रूप हमें सिखाते हैं—
    स्थिरता से लेकर साधना तक, साहस से लेकर सृजन तक,
    भय के विनाश से लेकर शांति और सिद्धि तक—
    हर शक्ति हमारे ही भीतर है।
    आइए, इस नवरात्रि अपना आत्मप्रकाश जगाएँ
    🌹 “जगाए अपना आत्मप्रकाश,
    नवदुर्गा के नौ रूपों संग…” 🌹
     🌸 नवदुर्गा – नौ रूप, नौ ऊर्जा 🌸

    1. शैलपुत्री
    पर्वत सी स्थिरता—
    त्रिशूल, कमल, आत्मबल।

    2. ब्राह्मचारिणी
    संयम–साधना–धैर्य,
    ज्ञान की ज्योति।

    3. चंद्रघंटा
    साहस–वीरता–संघर्ष,
    त्रिशूल की टंकार।

    4. कूष्मांडा
    सृजन–ऊर्जा–उजाला,
    सूर्य का प्रकाश।

    5. स्कंदमाता
    ममता–स्नेह–संरक्षण,
    माँ का आशीष।

    6. कात्यायनी
    क्रोध–साहस–संघर्ष,
    अन्याय का अंत।

    7. कालरात्रि
    अंधकार–भय–विनाश,
    निडर आत्मशक्ति।

    8. महागौरी
    शुद्धता–शांति–सौम्यता,
    चाँद सा तेज।

    9. सिद्धिदात्री
    सिद्धि–संपन्नता–पूर्णता,
    अंतिम विजय।

    🌸 नौवीं नवरात्रि – सिद्धिदात्री देवी 🌸
    सिद्धिदात्री देवी साधक को सिद्धि और जीवन की पूर्णता प्रदान करती हैं।
    आज का दिन हमें याद दिलाता है कि भीतर की शक्ति को जागृत करना और आत्मसिद्धि पाना ही नवरात्रि का संदेश है।

    🌹 उम्मीद है हमने 
    भी अपने आत्म प्रकाश
    को जगाने का किया होगा प्रयास
    नवदुर्गा के नौ रूपों संग…” 🌹

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