Type Here to Get Search Results !

custum trend menu

Stories

    News:विजयादशमी का त्यौहार अनीति, अत्याचार तथा तामसिक प्रवृत्तियों के नाश का प्रतीक है : बब्बन विद्यार्थी



    उत्तर प्रदेश बलिया 
    इनपुट:धीरज यादव 
    बलिया :--भारत देश'अनेकता में एकता' का देश है। भौगोलिक विविधता के कारण यहां विभिन्न धर्मों, जातियों एवं संप्रदायों के लोग रहते हैं। अनेक धर्मों व जातियों के लोग होने से, यहां सभी के अपने-अपने त्यौहार हैं। इस दृष्टिकोण से देखा जाए, तो भारत में प्रत्येक माह किसी न किसी त्योहार की धूम रहती है। त्यौहार जीवन में नवस्फूर्ति, चेतना, उमंग, स्नेह एवं आनंद का अनुभव ही नहीं कराते बल्कि मानवीय गुणों को स्थापित कर लोगों में प्रेम, भाईचारे एवं नैतिकता का संदेश भी देते हैं।
    हिंदू संप्रदाय से सम्बन्धित कुछ त्योहार धार्मिक रीति-रिवाजों, वेदों और पुराणों की घटनाओं एवं मान्यताओं के अनुसार मनाए जाते हैं। नौ दिनों तक मां दुर्गा की पूजा के बाद दशवे दिन दशहरा या विजयादशमी के रूप में मनाया जाता है। विजयादशमी  मनाने के पीछे भी एक पौराणिक कथा है। भगवान श्रीराम ने रावण पर विजय पाने के लिए दुर्गा की पूजा की थी, इसलिए इस दिन को लोग शक्ति-पूजा के रूप में भी मनाते हैं एवं अपने अस्त्र-शस्त्र की पूजा करते हैं। भगवान राम इसी दिन मां दुर्गा के आशीर्वाद से रावण पर विजय प्राप्त करने में सफल रहे थे, तब से इस दिन को विजयादशमी के रूप में मनाया जाता है। विजयादशमी के पूर्व शहरों एवं गांवों में रामलीला का आयोजन किया जाता है। इस दिन रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले जलाए जाते हैं। विजयादशमी का त्यौहार अनीति,अत्याचार तथा तामसिक प्रवृत्तियों के नाश का प्रतीक है। यह त्यौहार दुर्गा मां की असीम शक्ति और रामचंद्र जी के आदर्शों का आभास कराता है।
     सामाजिक चिंतक एवं मदद संस्थान के मीडिया प्रभारी बब्बन विद्यार्थी ने कहा कि *"नफरत की आग को प्यार से ही ठंडा किया जा सकता है।"* आइए! हम सब मिलकर शांतिपूर्ण वातावरण में, प्रेम और भाईचारे के साथ विजयादशमी का पर्व हंसी-खुशी के साथ मनाएं।
    🙏🏻🌷आप सभी को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं....🌷🙏🏻

    Bottom Post Ad

    Trending News