उत्तर प्रदेश बलिया
इनपुट:धीरज यादव
दुबहर, बलिया:-- क्षेत्र के ग्राम पंचायत अड़रा में बिजली विभाग की उदासीनता ग्रामीणों के जीवन पर भारी पड़ती नजर आ रही है। गांव के बीचो-बीच स्थापित विद्युत ट्रांसफार्मर इस कदर जर्जर हो चुका है कि वह कभी भी गिर सकता है। विभाग की इस अनदेखी के चलते गांव में किसी बड़ी अनहोनी की आशंका बनी हुई है।
सबसे गंभीर स्थिति यह है कि इस ट्रांसफार्मर से जुड़ी मुख्य सप्लाई लाइन गांव के व्यस्त मार्ग से होकर गुजरती है, जहां से प्रतिदिन सैकड़ों ग्रामीणों का आना-जाना रहता है। इतना ही नहीं, विद्युत केबल कई जगहों पर टूटकर जमीन के करीब लटक रही है। ग्रामीणों ने अपनी सुरक्षा के लिए मजबूरी में इन हाई-वोल्टेज तारों को बांस-बल्ली और कच्चे पेड़ों के सहारे टिका रखा है। स्थिति इतनी भयावह है कि हवा के झोंके या बारिश होते ही इन तारों से चिंगारियां निकलने लगती हैं और केबल ब्लास्ट होकर टूट जाती है।
खेतों में काम करने वाले किसानों और चरने वाले मवेशियों के लिए ये लटकते तार 'मौत का जाल' बने हुए हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत मिलने पर लाइनमैन आकर अस्थाई रूप से तार जोड़ तो देते हैं, लेकिन जर्जर केबल बदलने की जहमत नहीं उठाते। गांव के निवासी रवि सिंह, कमल किशोर सिंह और बबलू सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि जर्जर ट्रांसफार्मर और टूटे तारों को बदलवाने के लिए कई बार उच्चाधिकारियों को लिखित प्रार्थना पत्र दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
अधिकारी का पक्ष:-
इस पूरे मामले पर बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर (जेई) मोहम्मद अख्तर ने बताया कि समस्या उनके संज्ञान में है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द ही तकनीकी टीम भेजकर ट्रांसफार्मर को सुरक्षित किया जाएगा और जर्जर केबल को बदलवाने के लिए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी गई है।

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