उत्तर प्रदेश बलिया
इनपुट:धीरज यादव
बलिया:-- उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद के लिए यह अत्यंत हर्ष और गौरव का क्षण है। जनपद की माटी के दो होनहार कलाकारों, रितेश पासवान और आलोक यादव ने अपनी प्रतिभा के बल पर देश के सबसे प्रतिष्ठित रंगमंच उत्सव 'भारत रंग महोत्सव' में अपनी जगह सुरक्षित की है। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय द्वारा आयोजित इस अंतर्राष्ट्रीय समारोह में ये दोनों कलाकार कालजयी नाटक 'चंदा बेड़नी' के माध्यम से राष्ट्रीय पटल पर अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
बलिया के कृष्णानगर निवासी, स्व. देवनाथ पासवान एवं माता रीना देवी के पुत्र रितेश पासवान इस नाटक में दोहरी भूमिका निभा रहे हैं। वे न केवल 'प्रधान मंच परिकल्पक' के रूप में पर्दे के पीछे की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, बल्कि मंच पर 'सूत्रधार' और 'गुलज़ारी' जैसे महत्वपूर्ण व जटिल पात्रों को जीवंत करेंगे। रितेश ने अपनी रंग-यात्रा आशीष त्रिवेदी (संकल्प संस्थान) के मार्गदर्शन में शुरू की और 'बिदेशिया', 'क्रांति 1942' जैसे नाटकों से अपनी पहचान बनाई।
जनपद के जनाड़ी गांव के रहने वाले आलोक यादव ने अपनी लगन और कठिन परिश्रम के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। विभिन्न स्थानीय और क्षेत्रीय मंचों पर अपने शानदार अभिनय का लोहा मनवाने के बाद, आलोक का चयन इस अंतर्राष्ट्रीय मंच के लिए होना उनकी कलात्मक यात्रा की एक बड़ी उपलब्धि है।
अलखनंदन द्वारा लिखित नाटक 'चंदा बेड़नी' का मंचन 2 फ़रवरी को शाम 6 बजे पटना में होना सुनिश्चित हुआ है। इस प्रस्तुति को लेकर न केवल कलाकार बल्कि पूरे जनपद के कला प्रेमी उत्साहित हैं। दोनों कलाकारों की इस उपलब्धि पर जनपद में खुशी का माहौल है। नाट्य निर्देशक नीरज कुशवाहा ने रितेश को एक "संपूर्ण कलाकार और मजबूत नेतृत्वकर्ता" बताया है। वहीं, जनपद के प्रमुख कला प्रेमियों और गणमान्य व्यक्तियों ने दोनों को बधाई दी है, जिनमें मुख्य रूप से गायक शैलेंद्र मिश्र, गणेशजी सिंह, पन्नालाल गुप्ता, आनंद चौहान, कृष्णा यादव मिठू, पिंटू ठाकुर, जागेश्वर मितवा, पवन यादव, धीरज यादव, अंजनी यादव, राजू मिश्र सहित अनेक लोग शामिल हैं।

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