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    श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन के लिए हनुमान बने- वरिष्ठ समाजसेवी प्रमोद सिंह

    उत्तर प्रदेश अयोध्या
    इनपुट: संतोष मिश्रा 


    उत्तर प्रदेश अयोध्या:---अयोध्या जनपद के हैदरगंज बाजार में श्रद्धालुओं के साथ कांस्टेबल के द्वारा दुर्व्यवहार पर पहुंचे प्रमोद सिंह ने श्रद्धालुओं की पीड़ा को समझते हुए अपने साथ लेकर निकले।आईए सुनते हैं समाजसेवी प्रमोद सिंह की जुबानी।

    सादर अभिवादन के साथ,
    शुभ प्रभात,
    अतिथि देवों भव।।
    हमारे उपनिषद की एक लाइन ही नहीं बल्कि भारत की आत्मा है।
    कल मैं हैदर गंज बाजार से गुजर रहा था, तभी एक पुलिस वाले को एक श्रद्धालु से अभद्रता करते देखा,
    बहुत पीड़ा हुई। उनमें से कर्नाटक, तमिलनाडु, पंजाब, मुंबई, बंगाल, दिल्ली के श्रद्धालुओं को कई गाड़ियों के साथ अयोध्या लेकर आया।
    रास्ते में कई श्रद्धालुओं ने अपनी व्यथा सुनाई, जिसको मैं लिख नहीं सकता,
    कहीं पर 20 रुपए की पानी की बोतल 50 में मिली, कहीं पर 2 पूड़ी 60 रुपए की थी।
    एक दिन के लिए बंगाल के 8 लोगों ने शहर के होटल में 4 कमरे 10 दिन पहले 25 हजार में बुक किया था, वह पहुंचने पर 48 हजार का हो गया।
    उन सब को मै अपने घर लेकर आया। मेरी माता जी और मेरे बेटे ने सभी का स्वागत किया। मेरी पत्नी ने अस्वस्थ होने के बाद भी सभी के लिए भोजन का प्रबंध किया। रात्रि विश्राम के बाद सुबह सभी ने प्रभु श्रीराम के दर्शन के लिए प्रस्थान किया।
    हम अयोध्या वासी देश में कहीं जाते है तो अपार आदर और स्नेह पाते हैं।
    मैं एक बार दक्षिण भारत गया था। वहां एक जगह सिर्फ अयोध्या वासी होने के नाते मेरा पैर धोया गया।
    देश भर से श्रद्धालुओं की इतनी भीड़ अयोध्या में शायद जीवन में दोबारा कभी देखने न मिले 
    विनम्र निवेदन है कि,
    आज हम देश के विभिन्न कोने से आए श्रद्धालुओं के साथ वचन और कर्म से ऐसा आचरण प्रस्तुत करें कि अयोध्या वासी होने की गरिमा बनी रहे।
    हम सबको बदल नहीं सकते लेकिन अपने अंदर बदलाव लाकर अयोध्या वासी होने का गौरव बरकरार रख सकते हैं।
    कुछ मलावन के श्री राजकुमार पांडे जी  जैसे सज्जन व्यक्ति भी हैं, जिनको मैं लगभग प्रतिदिन अपने सीमित संसाधनों के बावजूद लंगर चला कर श्रद्धालुओं की सेवा करते देख रहा हूं।
    ये बड़े बड़े धन्ना सेठों, और दर्जन भर गाड़ियों के काफिले में चलने वाले तथाकथित गरीबों के मसीहों से ज़्यादा बेहतरीन काम चुप चाप कर रहे हैं।
    निवेदक,
    प्रमोद सिंह,
    अयोध्या वासी।।

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