ब्रह्मपुर बक्सर बिहार
इनपुट: विवेकानंद पांडेय
ब्रह्मपुर बक्सर बिहार :----भारतीय नववर्ष का आरंभ है चैत्रनवरात्र- चैत्र शुक्ल प्रतिपदा अर्थात नव संवत्सर (हिन्दी नववर्ष) का प्रथम दिन जो अंग्रेजी तारीख के अनुसार इस वर्ष 30 मार्च रविवार को है।यह वर्ष का सबसे महत्वपूर्ण दिवस माना जाता है । यह दिवस इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आज के ही दिन श्री ब्रह्मा जी ने सृष्टि के साथ जीव जगत की रचना की थी। इसलिए आज के दिन हर सनातनधर्मी महोत्सव के रूप में मनाते हैं। आज के दिन जो वार पड़ता है उसी को वर्ष का राजा मानते हैं इस बार राजा और मंत्री सूर्य हैं। चैत्र नवरात्र का पवित्र पर्व भी आज से ही प्रारंभ हो जाता है। अपना घर तोरण आदि से सुसज्जित करके शास्त्र सम्मत विधान का पालन कर नव संवत्सर (नववर्ष) का हर्षोल्लास के साथ स्वागत करना चाहिए।
प्रत्येक सनातन धर्मी को आज के दिन तेल उबटनादि लगाकर स्नान करके नया वस्त्र धारण कर घर के ऊपर ध्वज लगाना चाहिए।आज के दिन पंचांग फल श्रवण करना चाहिए तथा वर्ष पति (सूर्य) का पूजन करते हुए मिश्री, काली मिर्च एवं नीम की कोपलों का सेवन करना त्रिदोषघ्न व सर्वरोग निवारक होता है। चैत्र नवरात्र में भगवती के नौ रुपों की आराधना इष्टफल को प्रदान करने वाली होती है। इस बार नवरात्र पर देवी दुर्गा का आगमन हाथी पर हो रहा है। यह अत्यंत शुभ है। इस वर्ष नवरात्र आठ दिन का है।पंचमी तिथि का क्षय होने के कारण चतुर्थी- पंचमी का नवरात्र एक ही दिन है। देवी भागवत के अनुसार मां दुर्गा का वाहन शेर है। लेकिन हर वर्ष नवरात्र में देवी अलग- अलग वाहनों पर सवार होकर आती हैं।रविवार के दिन कलश स्थापन होने पर देवी दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती हैं। देवी का हाथी पर सवार होकर आना शुभ होता है। यह अच्छी वर्षा का संकेत है।
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त 30 मार्च को प्रातः 10:00 तक या मध्यान्ह 11:35 से 12: 24 तक है।दुर्गाष्टमी का व्रत 5 अप्रैल को एवं दुर्गानवमी एवं चैत्र रामनवमी महोत्सव 6 अप्रैल को होगा।नवरात्र व्रत का पारण 7 अप्रैल को प्रातःकाल दशमी में किया जाएगा।

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