उत्तर प्रदेश वैशाली
वैशाली उत्तर प्रदेश:---वैशाली जिले की गोलू कुमारी ने अपने नवजात बेटे की मौत की खबर पर भरोसा नहीं किया और 200 दिनों की लंबी लड़ाई लड़ी। अस्पताल ने बेटे के जन्म के तुरंत बाद उसकी मौत की बात कहकर महिला को भगा दिया था। लेकिन गोलू को अपने दिल की आवाज पर भरोसा था, और आखिरकार रविवार को उसका बेटा पुलिस को मिल गया। 10 सितंबर 2024 को हाजीपुर के न्यू बुद्ध अपोलो इमरजेंसी हॉस्पिटल में महिला ने बेटे को जन्म दिया। डॉक्टर ने नवजात को ‘क्रिटिकल केस’ बताकर अस्पताल से बाहर ले जाने के बाद उसकी मौत की खबर दी। गोलू को शक था, लेकिन उसका पति राजेश उसे बार-बार बच्चे की मौत की बात पर यकीन दिलाने की कोशिश करता रहा। पुलिस जांच में पता चला कि पति ने ही 50 हजार रुपये में बच्चा बेच दिया था। इस काम में अस्पताल के डॉक्टर, आशा कार्यकर्ता और दलाल शामिल थे। गोलू ने पुलिस और एनजीओ की मदद से आखिरकार अपने बेटे को वापस पाने की जंग जीती। अब तक 6 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन डॉक्टर और आशा कार्यकर्ता फरार हैं। पुलिस ने बच्चे को बरामद कर लिया है, लेकिन डीएनए जांच के बाद ही उसे मां को सौंपा जाएगा। यह मामला एक मां के हौसले और संघर्ष की मिसाल है, जिसने अपने बेटे को खोने की बात को नकार दिया और सच सामने लाकर ही दम लिया।

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