नई दिल्ली
इनपुट:सोशल मीडिया
नई दिल्ली:---न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई ने बुधवार को भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें राष्ट्रपति भवन में पद की शपथ दिलाई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और अन्य प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। जस्टिस गवई ने न्यायमूर्ति संजीव खन्ना का स्थान लिया। वरिष्ठता के आधार पर उनकी नियुक्ति की गई, जिसकी सिफारिश पूर्व CJI खन्ना ने की थी। 1985 से वकालत शुरू करने वाले गवई ने बॉम्बे हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। अनुच्छेद 370, नोटबंदी, बुलडोजर कार्रवाई, ईडी निदेशक के कार्यकाल जैसे संवैधानिक मामलों में उनके निर्णयों ने देश की दिशा तय की। वे दलित समुदाय से आने वाले देश के दूसरे CJI हैं। उनके पिता आरएस गवई भी एक प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता और राज्यपाल रह चुके हैं। जस्टिस गवई के कार्यकाल से न्यायपालिका में संवेदनशीलता और संविधानिक मूल्यों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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