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    मरने वाले डॉक्टरों की लाशें इधर-उधर पड़ी हैं और वे हमें घर खाली करने पर मजबूर कर रहे हैं!



    गुजरात अहमदाबाद 
    इनपुट:सोशल मीडिया 
    गुजरात अहमदाबाद:---जब भी कोई दुर्घटना होती है, तो सिस्टम लोगों पर मनमानी करता है। 12 जून, 2025 को टाटा कंपनी का यात्री विमान बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर अहमदाबाद से उड़ा और मेघानीनगर में मेडिकल छात्रों के छात्रावास में जा गिरा। डॉक्टर का परिवार अस्पताल में इलाज करा रहा है, जबकि डॉक्टरों पर तुरंत घर खाली करने का दबाव बनाया जा रहा है।

    सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कुल कितने मेडिकल छात्र/डॉक्टर मरे? कितने नागरिक मरे? सरकार ब्योरा छिपा रही है।

    डॉ. अनिल और उनकी पत्नी असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। उनकी हालत मजबुरो जैसी है। उनके शरीर और कपड़ों पर काली राख चिपकी हुई है। 13 जून की रात नौ बजे वे सरकारी आवास खाली कर रहे हैं। वे रोते हुए कहते हैं, "जब विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ, तब मैं और मेरी पत्नी अस्पताल में ड्यूटी पर थे। घर पर मेरी ढाई साल की बेटी और नौकरानी थी। मेरी बेटी का अभी धुंए के कारण इलाज चल रहा है। अभी मैं अपनी बेटी के पास रहने की बजाय अपना सामान ले जा रहा हूं। मेरा आधा घर जल गया है। लेकिन मुझे घर चलाने के लिए जरूरी सामान लाने का समय तो दीजिए! क्य

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