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    UP पुलिस की महिला रिक्रूट्स से अभद्र भाषा का प्रयोग करने वाले पीटीआई निलंबित


    उत्तर प्रदेश गोरखपुर 
    इनपुट:सोशल मीडिया 

    महिला रिक्रूट्स गरिमा, निजता और कल्याण यूपी पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता!

    26वीं वाहिनी पीएसी में रिक्रूट महिला आरक्षियों की समस्याओं का लिया गया त्वरित संज्ञान!

    महिला आरक्षियों को उच्च गुणवत्ता का प्रशिक्षण, सुविधाएं एवं सुरक्षित वातावरण प्रदान करना प्रमुख प्रतिबद्धता : एडीजी पीएसी!

    गोरखपुर :---26वीं वाहिनी पीएसी गोरखपुर में रिक्रूट महिला आरक्षियों द्वारा व्यक्त की गई समस्याओं का वरिष्ठ अधिकारियों ने त्वरित संज्ञान लिया है। इस संबंध में अपर पुलिस महानिदेशक (पीएसी) ने स्थानीय अधिकारियों से संवाद करने के बाद कहा कि तकनीकी कारणों से विद्युत आपूर्ति बाधित होने के कारण अस्थायी रूप से जलापूर्ति प्रभावित हुई थी। संबंधित समस्या का त्वरित समाधान कर दिया गया। एडीजी पीएसी के अनुसार बाथरूम में कैमरा लगाने की बात पूरी तरह से निराधार और तथ्यहीन है। महिला रिक्रूट्स के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करने वाले पीटीआई को निलंबित कर दिया गया है। 

    इस संबंध में एडीजी पीएसी द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी गई है। इस पोस्ट में यह भी कहा गया है, ‘उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए महिला आरक्षियों की गरिमा, निजता और कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्हें उच्च गुणवत्ता का प्रशिक्षण, सुविधाएं एवं सुरक्षित वातावरण प्रदान करना विभाग की प्रमुख प्रतिबद्धता है। साथ ही अनुशासनहीनता एवं सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।’

    उल्लेखनीय है कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली सरकार ने न केवल रिकार्ड पुलिस भर्ती की है बल्कि पुलिसकर्मियों की सुविधा के लिए अनेक कार्य किए हैं। पूर्व की सरकारों में जहां प्रशिक्षु और रिजर्व में रहने वाले पुलिसकर्मियों को टेंट के बैरक में रहने को मजबूर होना पड़ता था, वहीं इस सरकार में वे पक्के भवनों में सभी जरूरी सुविधाओं के साथ रहते हैं।

    सीएम योगी के मार्गदर्शन में पिछले आठ सालों में यूपी पुलिस में 2.16 लाख भर्ती हुई है। इसमें हालिया हुई 60 हजार से अधिक की भर्ती भी शामिल है। पुलिस भर्ती में योगी सरकार ने बेटियों को विशेष प्राथमिकता दी है। आंकड़े इसे प्रमाणित करते हैं। आजादी के बाद 2017 तक यूपी पुलिस में सिर्फ 10 हजार महिलाओं की भर्ती हुई थी जबकि योगी सरकार आने के बाद यह संख्या बढ़कर 40 हजार हो चुकी है। हाल में भर्ती के बाद प्रशिक्षण लेने वाले रिक्रूट्स में 12 हजार से अधिक की संख्या बेटियों की है।

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