उत्तर प्रदेश बलिया
इनपुट:धीरज यादव
दुबहर, बलिया:--परिषदीय स्कूलों के बच्चों को निपुण बनाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों को सतत अकादमिक रणनीतियों से परिचित कराते हुए विभिन्न प्रकार के नवाचारी शिक्षण विधियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा हैं ।
शिक्षा क्षेत्र दुबहर के खंड शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार सिंह की दिशा निर्देशन में एनसीईआरटी पाठ्य पुस्तकों और शिक्षण अधिगम सामग्रियों पर आधारित ब्लॉक स्तर पर पांच दिवसीय बुनियादी साक्षरता एवं अंक ज्ञान का प्रशिक्षण पूर्व माध्यमिक विद्यालय अखार पर दिया जा रहा है। जिसके चौथे बैच के समापन के मौके पर खंड शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षकों को बच्चों के सर्वांगीण विकास पर आधारित शिक्षा पर विशेष कार्य करने की जरूरत है। प्रशिक्षण में शिक्षकों को हिंदी गणित और अंग्रेजी की नई पुस्तकों एवं कार्य पुस्तिकाओं का समुचित उपयोग के बारे में बच्चों में भाषा और गणित की दक्षताओं को कैसे विकसित किया जाए, उनके सीखने का स्तर का आकलन कैसे किया जाए, कमजोर बच्चों के लिए रेमेडियल शिक्षण कैसे संचालित हो और बच्चों को किस प्रकार सकारात्मक एवं प्रभावी फीडबैक दिया जाए, जीवंत और रुचिकर शिक्षण पद्धतियों के माध्यम से बच्चों को सक्रिय बनाना है। इसके लिए समूह चर्चा, रोल प्ले और खेल आधारित गतिविधियों को शामिल किया गया है।
प्रशिक्षण में भारतीय ज्ञान प्रणाली के द्वारा प्रक्रियात्मक ज्ञान को बढ़ावा देने के साथ भारतीय पुरातन ज्ञान जनजाति प्राकृतिक ज्ञान को वैश्विक स्तर से आधुनिक ज्ञान से जोड़ते हुए बच्चों का क्षेत्रीय से वैश्विक स्तर का बनाने की क्षमता का विकास कराए जाने की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
चौथे बैच के बुनियादी साक्षरता एवं अंकज्ञान प्रशिक्षण के समापन के मौके पर प्रमुख रूप से प्रशिक्षक आशुतोष कुमार सिंह, संतराज सिंह, अमित सिंह, प्रियेश तिवारी, अमित कुमार के अलावा विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक, शिक्षामित्र उपस्थित रहे।

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