पटना बिहार
इनपुट:शोशल मिडिया
पटना (मधुर दर्पण समाचार) :-- कहते हैं सच्चा इंतजार कभी व्यर्थ नहीं जाता और ये भी कहा जाता है कि इंतजार के लहमे बड़े लंबे भी होते है। ऐसी ही एक घटना बिहार के पटना के गांव बरियारपुर की सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को भावुक कर दिया। करीब 48 वर्षों तक पत्नी की राह देखने वाले बुजुर्ग पति की आंखें उस समय भर आईं, जब उनकी बिछड़ी जीवनसंगिनी अचानक घर लौट आई। वर्षों का इंतजार खत्म हुआ तो दोनों की आंखों से खुशी के आंसू बह निकले। बरियारपुर निवासी ललन मिश्रा ने युवावस्था में जिस पत्नी के साथ जीवन बिताने के सपने देखे थे, वह शादी के कुछ ही महीनों बाद उनसे अलग हो गई थीं। इसके बाद उन्होंने दोबारा विवाह नहीं किया और जीवनभर अपनी पत्नी की वापसी की उम्मीद लगाए रहे। अब उम्र के अंतिम पड़ाव में पत्नी के लौटने पर उनका भावुक होना स्वाभाविक था।
शादी के छह महीने बाद हो गई थीं जुदा
ललन मिश्रा के अनुसार उनकी शादी मार्च 1977 में निर्मला देवी से हुई थी। शादी के करीब छह महीने बाद निर्मला अचानक मायके चली गईं और फिर कभी ससुराल नहीं लौटीं। पत्नी के जाने के बाद ललन ने उन्हें आसपास के गांवों और रिश्तेदारों के यहां काफी तलाश किया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। बाद में पता चला कि वह अपने मायके दरभंगा में रह रही हैं।
पत्नी के इंतजार में गुजार दी पूरी जिंदगी
पत्नी के बिछड़ने का दर्द ललन मिश्रा के जीवन पर गहरा असर छोड़ गया। उन्होंने अपनी नौकरी तक छोड़ दी और लंबे समय तक मानसिक रूप से परेशान रहे। परिवार के लोगों का कहना है कि उन्होंने कभी दूसरी शादी के बारे में नहीं सोचा और पूरी जिंदगी अकेले बिताई। उन्हें हमेशा विश्वास था कि एक दिन उनकी पत्नी जरूर लौटेगी।
नागपुर में शिक्षिका बनीं निर्मला देवी
निर्मला देवी ने बताया कि ससुराल के कुछ लोगों के व्यवहार और गलतफहमियों के कारण उन्होंने घर छोड़ दिया था। मायके लौटने के बाद उनके पिता ने नागपुर के एक सरकारी स्कूल में उनकी नौकरी लगवा दी। इसके बाद वह वर्षों तक वहीं रहीं और शिक्षिका के रूप में अपनी सेवा देती रहीं।
गोदना बना पहचान का सबसे बड़ा सबूत
ससुराल लौटने पर निर्मला देवी ने अपने हाथ पर बना वह गोदना दिखाया, जो उन्होंने विवाह के समय अपने पति की याद में बनवाया था। इतने वर्षों बाद भी उसे देखकर ललन मिश्रा भावुक हो उठे। परिवार के अन्य सदस्य भी इस दृश्य को देखकर आश्चर्यचकित रह गए।
थाने पहुंचकर ली पति की जानकारी
घर लौटने से पहले निर्मला देवी बख्तियारपुर थाने पहुंचीं, जहां से उन्होंने अपने पति और परिवार के बारे में जानकारी जुटाई। इसके बाद वह सीधे बरियारपुर स्थित अपने ससुराल पहुंचीं। जैसे ही परिवार को उनके आने की खबर मिली, घर में खुशी का माहौल बन गया। करीब पांच दशक बाद हुए इस मिलन ने पूरे गांव को भावुक कर दिया। जिस घर में वर्षों से इंतजार और अकेलापन था, वहां अब फिर से खुशियां लौट आई हैं। जीवन की संध्या बेला में एक-दूसरे का साथ पाकर दोनों के चेहरे पर संतोष और सुकून साफ दिखाई दे रहा है।

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