उत्तर प्रदेश बलिया
इनपुट:धीरज यादव
बलिया :-- गंगा के दर्द की दवा देश में अभी भी अनुसंधान का विषय बनी हुई है। गंगा साफ रखने के प्रयास कागजी कोरम पूरा कर रहे हैं। गंगा न्याय के लिए आधुनिक भगीरथ की तलाश में दिन गिन रही है। उक्त बातें गंगा मुक्ति एवं प्रदूषण विरोधी अभियान के प्रणेता रमाशंकर तिवारी के हैं।
वे बुधवार को गंगा दशहरा के अवसर पर वैना पकड़ी स्थित विहान विद्यापीठ के प्रांगण में गंगा की व्यथा-कथा का बखान कर रहे थे। पिछले चार दशक से गंगा साफ रखने की कवायद देश में चल रही है, जो समीक्षा के केंद्र में है। इस ओर राष्ट्र को सोचना होगा। इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक नितेश उपाध्याय, प्रधानाचार्य चंदन कुमार सिंह ने भी विचार व्यक्त किया।

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