उत्तर प्रदेश बलिया
इनपुट:धीरज यादव
बलिया:-- बलिया की क्रांतिकारी धरती और अखार गाँव में 20 सितंबर 1979 को जन्मे वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी रणजीत सिंह का जीवन सेवा, संवेदना और जनसरोकारों का एक अनूठा उदाहरण है। गाँव के सरकारी स्कूल से शुरू हुआ उनका सफर आज 47 वर्षों के पड़ाव पर पहुँचकर समाज के असहाय और जरूरतमंद लोगों के लिए एक मजबूत सहारा बन चुका है।
रणजीत सिंह ने पत्रकारिता को केवल समाचारों का माध्यम न मानकर समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज बनाने और उसकी पीड़ा को शासन-प्रशासन तक पहुँचाने का साधन बनाया। संत कबीर, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के विचारों से प्रेरित होकर उन्होंने सामाजिक समरसता और राष्ट्रसेवा को अपने जीवन का ध्येय बनाया।
सामाजिक योगदान एवं प्रमुख पहल :
'मदद संस्थान': बेसहारा, गरीब और बीमार लोगों की मदद के लिए महासचिव के रूप में कार्यरत। उनका मूल मंत्र है— "मदद के लिए बड़े संसाधन नहीं, बड़ा दिल चाहिए।
'मंगल पांडेय विचार मंच':-- 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद मंगल पांडेय के विचारों और देशभक्ति की भावना को युवाओं में जगाने हेतु मंच का गठन।
'सेवा समिति अखार' & ग्रामीण पत्रकारिता:
गाँव के स्तर पर सहायता पहुँचाने के साथ-साथ 'प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन' के जिला उपाध्यक्ष के रूप में ग्रामीण पत्रकारों के अधिकारों, सुरक्षा और सम्मान के लिए प्रयासरत।
सम्मान : समाजसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए वर्ष 2004 में तत्कालीन जिलाधिकारी श्री एस.पी. दीक्षित द्वारा 'जिला युवा पुरस्कार' से सम्मानित। अखार स्थित अपने मीडिया सेंटर कार्यालय से आज भी जनसमस्याओं के समाधान में निरंतर सक्रिय रणजीत सिंह नई पीढ़ी को शिक्षा, संस्कार और सेवा का संदेश देते हैं। उनका जीवन-दर्शन यह साबित करता है कि यदि कलम में सच्चाई, हृदय में करुणा और कर्म में सेवा हो, तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
🌷जनपद के* वरिष्ठ पत्रकार, मदद संस्थान के सचिव एवं समाजसेवी रणजीत सिंह के जन्म दिवस पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं....
🙏बब्बन विद्यार्थी🙏

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