बलिया उत्तरप्रदेश
इनपुट: हिमांशु शेखर
बलिया उत्तरप्रदेश:---1. दो मुखी रुद्राक्ष को धारण करनेवाले व्यक्ति के अंदर शांति, धैर्य, चंचलता, शीतलता और नेतृत्व क्षमता का निर्माण होता है।
2. इसे धारण करने के बाद व्यक्ति का भाग्योदय होता है। समाज में प्रसिद्धि मिलती है। मन शांत रहता है।
3. दो मुखी धारण करने से जातक मानसिक तनाव से मुक्त होकर आत्मविश्वास और मन की शांति प्राप्त करता है।
4. इस रुद्राक्ष के प्रभाव से मस्तिष्क में गलत भावनाएं उत्पन्न नहीं होती, व्यक्ति मानसिक शांति हेतु ईश्वर की शरण में जाता है, धार्मिक कार्य में रूचि बढ़ती है।
5. जो लोग कर्ज जैसी स्थिति का सामना कर रहे है उन्हें कर्ज से मुक्ति मिलती है, दो मुखी रुद्राक्ष में शिव तथा पार्वती की शक्ति समाहित होती है, जिनका लाभ मनुष्य को मिलता है।
6. जो जातक अपने दाम्पत्य जीवन से नाखुश है, पति-पत्नी के बीच वैचारिक मतभेद उत्पन्न हो रहे है, अलगाव की स्थिति उत्पन्न हो रही है तो दो मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए, ऐसा करने से दाम्पत्य जीवन में मधुरता आती है।
7. यह स्मृति हानि, हृदय की समस्याएं और श्वसन, जिगर और सांस लेने की समस्या जैसी समस्याओं को ठीक करने में मदद करता है
8. यह आत्म-संदेह को दूर करता है यह आत्म-सम्मान की प्राप्ति कराता है यह स्थिरता स्थिरता में सुधार करता है
9. यह सभी स्वीकृतियों में शामिल है यह जीवन के सभी सैद्धांतिक सकारात्मकता प्रस्ताव देता है
10. यह उन साथी जोड़ों के लिए उपयुक्त है जो आगे बच्चे पैदा करने की योजना बना रहे हैं
11. यह आपकी आत्मा के दोस्तों को जोड़ने में मदद करता है यह आंतरिक खुशी विकसित होती है
14. यह यौन समस्याओं को काफी हद तक ठीक करने या जीवन से बेवफ़ा होने की अवस्था या भाव को दूर करने में मदद करता है
15. यह आपके मिश्रण को मजबूत बनाता है यह जीवन से अवसाद और पीड़ा को दूर करता है यह निर्णय लेने से योग्यता या क्षमता में सुधार होता है
16. इसके धारक का क्षेत्र में सम्मान बढ़ता है, रूप, सौंदर्य एवं शक्ति की वृद्धि होती है |
17. शारीरिक बिमारियों में यह रोग और हृदय रोग को दूर करना है आदर्श धारण करने से दाम्पत्य जीवन सुखी रहता है |
18. यह कहावत वाले के इंटरमैन को ठीक करता है और हमेशा के लिए पित्त को शांत कर देता है |
19. इसके धारण से भूत प्रेत की बाधा भी दूर होती है और सभी प्रकार की इच्छाएं धीरे-धीरे पूर्ण होने की ओर बढ़ती नजर आती हैं |
20. दो मुखी रुद्राक्ष का कर्ता महाशिवपुराण के ब्रह्म हत्या एवं हत्या के पाप से भी मुक्त हो सकता है ।
21. दो मुखी रुद्राक्ष भगवान चन्द्र देव के अधिकार क्षेत्र में आते हैं इसे धारण करने से मन में चन्द्रमा की तरह शीतलता मिलती है,
22. अंतिम अवस्था में यदि दोमुखी रुद्राक्ष धारण हो जाए तो जीवन में पापी होने के बावजूद मरणोपरांत स्वर्ग की प्राप्ति होती है। इसलिए हर जन को अर्धनारीश्वर स्वरूप भगवान शिव और शक्ति के आशीर्वाद के रूप में नेपाली दोमुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए |
23. यदि आप कर्ज से पीड़ित हैं और कर्ज बढ़ रहा है तो ऐसे में दोमुखी रुद्राक्ष धारण करने से आपके जीवन में नई खुशियां आ सकती हैं |
24. दो मुखी रुद्राक्ष धारण करने से मुक्ति प्राप्ति के द्वार पर समागम होता है |
25. यह ऊपरी जोड़े को भी दूर करने में अक्षम माना गया है | भूत-प्रेत जैसी नकारात्मक शक्तियाँ दोमुखी रुद्राक्ष का धारण करने से दूर होती है |
26. जिन लोगों को इंसाना की शिकायत है, उन्हें हीरा दोमुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए |
27. राहु के प्रभावों पर रोक के लिए भी इस रुद्राक्ष को धारण करना चाहिए |
28. यह व्याख्याएं वाले को समाज में मान-सम्मान सूची है यह रुद्राक्षधारी की सुंदरता में वृद्धि और उसकी वाक्शक्ति को पुनः प्राप्त करता है |
29. यह दोमुखी रुद्राक्ष स्मृति हानि, हृदय की समस्याएं, श्वसन, श्वसन और सांस की समस्या जैसी समस्याओं को ठीक करने में मदद करता है |
30. यह भगवान शिव और पार्वती की एक पहचान है यदि कोई व्यक्ति इस रुद्राक्ष को पहनता है तो वह अपने जीवन में किए गए सभी पापों से मुक्त हो जाता है।
• सोमवार के दिन आप एक कटोरी में दूध, देसी घी, शहद, मिश्री और गंगाजल का मिश्रण तैयार कर लें और रुद्राक्ष को उसमें डाल दे। उसके बाद ना धो कर आप अपने इष्ट देव की पूजा करके ॐ ह्रीं नम:।। मंत्र का जाप 2100 बार करना है।
• उसके बाद रुद्राक्ष को धूप या दीया दिखा कर उसे गंगाजल से धोकर रुद्राक्ष को गले में धारण कर ले।

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