उत्तर प्रदेश बलिया
इनपुट: हिमांशु शेखर
बलिया उत्तरप्रदेश:--जानकारी के अनुसार हाल के दिनों में 102/108 एम्बुलेंस के कुछ कर्मचारी गाँव-गाँव या चौराहों पर जाकर चाय-पान की दुकान, गुमटी या राह चलते लोगों से मोबाइल माँगते नजर आ रहे हैं। फिर उसी मोबाइल से 102/108 पर कॉल कर झूठी सूचना देते हैं कि आपके पास मरीज है। इसके बाद वे अपने निजी कामों के लिए एम्बुलेंस का इस्तेमाल करते हैं।
👉 इस स्थिति में यदि जांच होती है तो आप धोखे का शिकार हो सकते हैं और आपके खिलाफ एम्बुलेंस कर्मचारियों का साथ देने का मुकदमा भी दर्ज हो सकता है। यहां तक कि जेल जाने की नौबत भी आ सकती है।
क्या करें और क्या न करें
✅ किसी भी एम्बुलेंस कर्मचारी को मोबाइल न दें।
✅ यदि शक हो तो गाड़ी का नंबर नोट करें/फोटो लें और तुरंत 102/108 पर शिकायत करें।
✅ याद रखें – आपके फोन का गलत इस्तेमाल होने से असली मरीज तक समय पर एम्बुलेंस नहीं पहुँच पाती, और कई बार मरीज की जान भी खतरे में पड़ जाती है।
जनहित में अपील
👉 आपका एक छोटा-सा "ना" आपके क्षेत्र के जरूरतमंद मरीज की जान बचा सकता है।
🫵🏾 एम्बुलेंस के सक्षम अधिकारियों का बयान
हालांकि एम्बुलेंस कर्मचारियों की नई चाल के सम्बन्ध में बलिया के सक्षम अधिकारियो ने कहा हमारी कंपनी या हमारा कोई भी अधिकारी ऐसा करने सलाह नही देता है, एम्बुलेंस की सुविधा केवल जरुरत मंद लोगों के लिए है, यदि एम्बुलेंस का कोई भी कर्मचारी इस तरीके से करता हुआ मिले तो तुरंत 102/108 पर फोन कर इसकी सूचना दे की उनके पास कोई मरीज नही है और एम्बुलेंस कर्मचारी ने उनके साथ धोखा किया है।

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