उत्तर प्रदेश बलिया
इनपुट: हिमांशु शेखर
बलिया उत्तरप्रदेश :--विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीत कुमार गुप्ता ने स्वागत उद्बोधन देते हुए विवि की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। बताया कि विवि के प्रथम चरणों के भवन निर्माण का कार्य पूर्ण हो चुका है। विश्वविद्यालय के प्रवेश, परीक्षा, परिणाम आदि सारे कार्य ऑनलाइन मोड में संचालित हैं। जेएनसीयू पूरे प्रदेश में सबसे पहले परीक्षा परिणाम घोषित करता है। परिसर में नये व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के खुलने से प्रवेश बढ़ा है। विवि के प्राध्यापकों को आईसीएसएसआर से प्रोजेक्ट हेतु अनुदान मिले हैं। आईसीएसएसआर एवं उ. प्र. के विज्ञान एवं तकनीकी परिषद के अनुदान से सेमिनार और वर्कशाप आयोजित किये गये। पी-एच डी उपाधियों की संख्या में वृद्धि हुई है।
इस कार्यक्रम में उच्च शिक्षा राज्य मंत्री श्रीमती रजनी तिवारी, कुलपति प्रो. संजीत कुमार गुप्ता, कुलसचिव श्री संतलाल पाल, जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह, सीडीओ ओजस्वी राज सहित विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी, संकाय सदस्य, छात्र-छात्राएं एवं अभिभावक उपस्थित रहे। संचालन डाॅ. सरिता पाण्डेय ने किया।
राज्यपाल के हाथों इन्हें मिले स्वर्ण पदक..
-सप्तम दीक्षान्त समारोह में कुल 43 विद्यार्थियों को कुल 44 स्वर्ण पदक वितरित किये गये। जिनमें बीए- नीलू यादव, बीकॉम- आँचल सिंह, बीएससी- सलोनी गुप्ता, बीसीए- श्रेया गौर, बीएससी कृषि- शाक्या, बीएड- नाजनीन बानो, बीपीएड- ओम प्रकाश भाम्भू, बीएलएड- फ़िज़ा नाज़, बीलिब- अमर बहादुर सिंह, एलएलबी- शहबाज़ खान, एमए- हिन्दी- अस्मिता यादव, एमए- अंग्रेजी जान्हवी राय, एमए- संस्कृत- आरती साहनी, एमए- उर्दू- शामिया खातून, एमए- मनोविज्ञान- श्वेता, एमए- शिक्षाशास्त्र- कु. रीतू, एमए- प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व- प्रभा वर्मा, एमए- मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास- संजना, एमए- भूगोल- कु. शशि तिवारी, एमए- राजनीति विज्ञान- सरोज सुमन, एमए- अर्थशास्त्र- श्री कृष्ण यादव, एमए- दर्शनशास्त्र- प्रियंका यादव, एमए- रक्षा एवं स्त्रातजिक अध्ययन- संजीव कुमार यादव, एमए- समाजशास्त्र- कु. सपना चौरसिया, एमएसडब्लू- खुशबू यादव, एमए- गृहविज्ञान(मानव विकास)- कु. अंशिका यादव, एमए- गृहविज्ञान(खाद्य एवं पोषण)- कु. कशक परवीन, एमए- संगीत(गायन)- उन्नति चौरसिया, एमए- संगीत(तबला)- सुडू चौहान, एमकॉम- आरती यादव, एमएड- कोमल कुमारी, एमएससी- भौतिक विज्ञान- राजनारायण, एमएससी- गणित- कृति गुप्ता, एमएससी- रसायन विज्ञान- रूपेश कुमार पाण्डेय, एमएससी- वनस्पति विज्ञान- प्रिया कुमारी, एमएससी- जन्तु विज्ञान- कु. अंजलि, एमएससी- बायोटेकनोलाजी- निशि खातून, एमएससी(कृषि) - कृषि अर्थशास्त्र- शिवांगी सिंह, एमएससी(कृषि)- मृदा विज्ञान एवं कृषि रसायन- अनुष्का सिंह, एमएससी(कृषि)- आनुवांशिकी एवं पादप प्रजनन- आशुतोष पाण्डेय, एमएससी(कृषि)- हॉर्टिकल्चर- निधि गुप्ता, एमएससी(कृषि)- एग्रोनॉमी- आकृति सम्मिलित रहीं। शामिया खातून को विश्वविद्यालय में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने के लिए कुलाधिपति पदक (चांसलर मेडल) भी प्रदान किया गया।
प्राथमिक विद्यालयों के छात्र हुए पुरस्कृत..
-दीक्षान्त समारोह के पूर्व दीक्षोत्सव सप्ताह का आयोजन किया गया था। जिसमें विश्वविद्यालय के गोद लिये हुये गाँवों के प्राथमिक विद्यालयों में भाषण, चित्रकला एवं कहानी लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन कराया गया। तीन चरणों में आयोजित करायी गयी इन प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों को पहले कक्षानुसार बाँटकर प्रतियोगिता आयोजित हुई। इसके बाद विद्यालय स्तर पर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। अंत में सभी गाँवों के विजेता विद्यार्थियों के मध्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में चयनित विजेता विद्यार्थियों को राज्यपाल ने पुरस्कृत किया। भाषण प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थी ने अपने भाषण की प्रस्तुति भी दी। प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों द्वारा पर्यावरण गीत की प्रस्तुति भी राज्यपाल के समक्ष की गयी। राज्यपाल ने इन नन्हे- मुन्ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना की। उन्हें दुलारा, आशीर्वाद दिया और उपहार भी प्रदान किये। इस अवसर पर प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक को राज्यपाल ने बच्चों के पढ़ने के लिए बालोपयोगी पुस्तकें भी भेंट कीं।
दीक्षांत समारोह में स्मारिका एवं पुस्तकों का हुआ लोकार्पण..
-दीक्षान्त की स्मारिका सृजन, विश्वविद्यालय के समाचार पत्र अन्वीक्षण के साथ प्राध्यापकों द्वारा लिखित पुस्तकों का भी लोकार्पण समारोह में किया गया। स्मारिका के संपादक मंडल में डाॅ. संदीप यादव, डाॅ. प्रवीण नाथ यादव, डाॅ. अभिषेक मिश्र, डाॅ. दिलीप कुमार मद्धेशिया एवं डाॅ. नीरज कुमार सिंह सम्मिलित रहे। समाचार पत्र के संपादक डाॅ. प्रमोद शंकर पाण्डेय, संपादक मंडल के अन्य सदस्य डाॅ. सरिता पाण्डेय, डाॅ. दिलीप कुमार मद्धेशिया, डाॅ. नीरज कुमार सिंह, डाॅ. संदीप यादव, डाॅ. प्रवीण नाथ यादव, डाॅ. अभिषेक मिश्र रहे। पुस्तकों में डाॅ. अभिषेक मिश्र की बालमुकुन्द गुप्त का गद्य साहित्य, डाॅ. विवेक कुमार यादव की भारत में निर्बल वर्ग (समस्याएँ और समाधान), डाॅ. रुबी की मातृत्व स्वास्थ्य एवं समाज कार्य, डाॅ. प्रज्ञा बौद्ध की द रोल ऑफ डिजिटल इकोनॉमी एंड टेक्नोलाजी इन इंडिया तथा डाॅ. अभय शंकर सिंह, डाॅ. श्याम बिहारी श्रीवास्तव व डाॅ. फिरोज खान द्वारा संपादित पुस्तक रुस-यूक्रेन संघर्ष और भारत का दृष्टिकोण सम्मिलित रहीं।

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