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    श्रीराम कथा में बोले पं. अरविंद तिवारी :"पति की सेवा और आज्ञा पालन ही स्त्री का परम धर्म"


    उत्तर प्रदेश बलिया 
    इनपुट: धीरज यादव 
    दुबहर,बलिया:--शिवपुर दियर नई बस्ती ब्याही, अखार ढाला स्थित श्रीराम जानकी मंदिर के प्रांगण में आयोजित श्रीराम कथा के दौरान भक्ति की अविरल धारा बह रही है। कथा के दिव्य मंच से अयोध्या से पधारे सुप्रसिद्ध कथावाचक पंडित अरविंद तिवारी ने श्रद्धालुओं को जीवन के नैतिक और आध्यात्मिक मूल्यों से परिचित कराया।
    कथा के दौरान महाराज जी ने माता सती के प्रसंग का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार सती जी ने भगवान रामचंद्र की परीक्षा लेने की भूल की और उसके क्या परिणाम हुए। इस प्रसंग के माध्यम से उन्होंने गृहस्थ धर्म पर प्रकाश डालते हुए कहा कि— "एक पत्नी के लिए उसका पति ही सबसे बड़ा धर्म है। पति की सेवा और उनकी आज्ञा का पालन करना ही स्त्री के लिए सौभाग्य और धर्म का मार्ग प्रशस्त करता है।"
    कथा के बीच-बीच में पंडित अरविंद तिवारी ने अपनी मधुर वाणी और वाद्य यंत्रों की जुगलबंदी से श्रोताओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। उनके द्वारा गाए गए भजन—"अमृत है हरिनाम जगत में, इसे छोड़ विषय रस पीना क्या, हरिनाम नहीं तो जीना क्या.." ने पांडाल में मौजूद हर श्रद्धालु को भाव-विभोर कर दिया। साथ ही, प्रसिद्ध भजन गायक मुन्ना जी ने भी अपने लोकप्रिय भजनों की प्रस्तुति दी, जिस पर श्रद्धालु झूमने को मजबूर हो गए।
    7 जनवरी से 13 जनवरी तक चलने वाले इस सात दिवसीय ज्ञान यज्ञ में क्षेत्रीय लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। विशेषकर महिलाओं में कथा के प्रति भारी उत्साह देखा जा रहा है। महिलाएं न केवल बड़ी संख्या में उपस्थित हो रही हैं, बल्कि पूरी तन्मयता के साथ भगवान की लीलाओं का रसपान कर रही हैं। मंदिर परिसर का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय और सात्विक हो गया है।
    इस मौके पर श्रीकांत सिंह, सुरेंद्र चौबे, त्रिभुवन नाथ यादव, संतोष मिश्रा, धर्मेंद्र सिंह, मनजीत सिंह, वशिष्ठ मिश्रा, उदय नारायण सिंह, अशोक गुप्ता, धीरज गुप्ता,  तारकेश्वर यादव, मुकेश सिंह, सुमित सिंह, सुभाष राम सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

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