Type Here to Get Search Results !

custum trend menu

Stories

    पाँच अपवित्र वस्तुएँ, जो पवित्र हैं 🕉️: संतोष कुमार गुप्ता


    उत्तर प्रदेश बलिया 
    इनपुट: हिमांशु शेखर 

    बलिया उत्तरप्रदेश:---शास्त्रों में वर्णन आता है:

    "उच्छिष्टं शिवनिर्मात्यं, वमनं शवकर्पटम्।
    काकविष्टा ते पञ्चैते, पवित्राति मनोहरा।।"

    अर्थात, ये 5 चीजें अपवित्र होते हुए भी अत्यंत पवित्र मानी जाती हैं:

    1. उच्छिष्ट (जूठा): गाय का दूध 🐄
    गाय का दूध पहले उसका बछड़ा पीकर उच्छिष्ट (जूठा) करता है। फिर भी वह पवित्र है और महादेव पर चढ़ता है।

    2. शिव निर्माल्यं: गंगा का जल 🌊
    गंगा जी का अवतरण स्वर्ग से सीधा शिवजी के मस्तक पर हुआ। नियमानुसार शिवजी पर चढ़ायी हुई हर चीज निर्माल्य है, पर गंगाजल पवित्र है।

    3. वमनम्: उल्टी (शहद) 🍯
    मधुमक्खी जब फूलों का रस लेकर अपने छत्ते पर आती है, तब वो अपने मुख से उस रस की शहद के रूप में उल्टी करती है, जो पवित्र कार्यों में उपयोग किया जाता है।

    4. शव कर्पटम्: रेशमी वस्त्र 🧣
    धार्मिक कार्यों को सम्पादित करने के लिये पवित्रता की आवश्यकता रहती है। रेशमी वस्त्र को पवित्र माना गया है, पर रेशम को बनाने के लिये रेशमी कीड़े को उबलते पानी में डाला जाता है और उसकी मौत हो जाती है, उसके बाद रेशम मिलता है। तो हुआ 'शव कर्पट', फिर भी पवित्र है।

    5. काक विष्टा: कौए का मल (पीपल) 🌳
    कौवा पीपल पेड़ों के फल खाता है और उन पेड़ों के बीज अपनी विष्टा में इधर उधर छोड़ देता है जिसमें से पेड़ों की उत्पत्ति होती है। आपने देखा होगा की कही भी पीपल के पेड़ उगाते नहीं हैं बल्कि पीपल काक विष्टा से उगता है, फिर भी पवित्र है।


    Bottom Post Ad

    Trending News