Type Here to Get Search Results !

custum trend menu

Stories

    अखंड दीप के शताब्दी वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में निकाली गई ज्योति कलश यात्रा


    उत्तर प्रदेश बलिया 
    इनपुट:धीरज यादव 

    दुबहर, बलिया:--अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में अखंड दीप के शताब्दी वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में निकाली गई ‘ज्योति कलश रथ यात्रा’ रविवार को विकासखंड दुबहड़ के विभिन्न ग्रामों में पहुंची। इस दौरान क्षेत्र में आध्यात्मिक उल्लास और श्रद्धा का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।
    यात्रा जमुआ, उदयपुरा, टेकार, बंधुचक, शिवपुर दियर नई बस्ती बयासी सहित कई गांवों से होते हुए शहीद मंगल पांडेय की पावन जन्मस्थली नगवा स्थित स्मारक स्थल पहुंची। जहां शहीद मंगल पांडेय स्मारक सोसाइटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी के नेतृत्व में श्रद्धालुओं ने ज्योति कलश एवं अखंड दीप का पुष्पांजलि, आरती और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भव्य स्वागत किया। तत्पश्चात श्रद्धालुओं ने मंगल पांडेय की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया। उपस्थित सैकड़ों लोगों ने स्मारक परिसर की पावन मिट्टी से तिलक लगाकर “मंगल पांडेय अमर रहें” के उद्घोष से वातावरण को राष्ट्रभक्ति और अध्यात्म से ओतप्रोत कर दिया।
    इसके उपरांत यात्रा जनाड़ी स्थित बाबा बालखंडी नाथ शिव मंदिर, किशुनीपुर होते हुए घोड़हरा ग्राम पंचायत पहुंची। घोड़हरा स्थित जौहरी माता मंदिर परिसर में क्षेत्र पंचायत सदस्य संतोष कुमार यादव के नेतृत्व में मातृशक्ति ने पीले एवं केसरिया वस्त्र धारण कर ज्योति कलश का भव्य स्वागत किया। महिलाओं और पुरुषों ने विधिवत पूजन-अर्चन कर अखंड दीप के दर्शन किए तथा सामूहिक आरती में सहभागिता निभाई। रथ पर विराजमान शांतिकुंज के विद्वान आचार्य ने अपने संबोधन में बताया कि इस दिव्य ज्योति कलश में 2400 से अधिक तीर्थस्थलों की पवित्र जलरज स्थापित है। वर्ष 1926 की बसंत पंचमी से प्रज्वलित अखंड दीप, जिसे पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य एवं भगवती देवी शर्मा ने प्रज्वलित किया था, आज भी अखंड रूप से मानवता को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि “हम सुधरेंगे, जग सुधरेगा” का संदेश आत्मपरिवर्तन से समाज परिवर्तन की दिशा दिखाता है। आचार्य श्रीराम शर्मा द्वारा रचित 3200 से अधिक ग्रंथ व्यक्ति, परिवार और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरणास्रोत हैं। ज्योति कलश और अखंड दीप के दर्शन-पूजन से साधक के भीतर सकारात्मक चेतना का जागरण होता है तथा जीवन में संस्कार, संयम और सद्भाव का संचार होता है।
    शक्तिपीठ प्रमुख विजेंद्र नाथ चौबे ने कहा कि बलिया की पावन भृगु भूमि अध्यात्म और राष्ट्रभक्ति का संगम है। घोड़हरा ग्राम पंचायत में संतोष कुमार यादव के नेतृत्व मे जिस प्रकार श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक यात्रा का स्वागत किया, वह क्षेत्र की सांस्कृतिक चेतना और धार्मिक आस्था का प्रतीक है। तत्पश्चात ज्योति कलश रथ यात्रा ने दुबहड़ पंचायत सहित ओझवलिया आदि गांवों में भ्रमण कर जनमानस को आध्यात्मिक संदेश दिया।
    इस अवसर पर जिला समन्वयक रविंद्र नाथ पाठक, प्रवीण कुमार दुबे, दिनेश पांडेय, शिव प्रताप यादव, सुनीता तिवारी, बृजेश पांडेय, अंकित पांडेय, नकुल सिंह, राहुल पांडेय, अरुणेश पाठक, बब्बन विद्यार्थी, नितेश पाठक, चिरंतन गुप्ता, हरिशंकर पाठक, सुरेश पाठक, गोलू पांडेय, माधव जी सिंह, पंचानन गुप्ता, जितेंद्र सिंह, राजकुमार पासी, हरि पांडेय, चिन्मय गुप्ता, अविनाश शंकर गुप्ता सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।

    Bottom Post Ad

    Trending News