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    मंगल पांडेय के बलिदान दिवस की पूर्व संध्या पर दी श्रद्धांजली : "अन्याय के खिलाफ गूंजती आवाज का नाम है मंगल पांडेय"



    उत्तर प्रदेश बलिया 
    इनपुट:धीरज यादव 

    दुबहर, बलिया:--भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रथम नायक शहीद मंगल पांडेय के 169वें बलिदान दिवस की पूर्व संध्या पर बलिया की प्रतिष्ठित साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं वैचारिक संस्था 'मंगल पांडेय विचार सेवा समिति' द्वारा उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
    बलिया जनपद के नगवा गांव स्थित शहीद मंगल पांडेय की आदमकद प्रतिमा के समक्ष समिति के सदस्यों ने सामूहिक रूप से मोमबत्तियां जलाकर उनकी शहादत को नमन किया। इस दौरान वातावरण "मंगल पांडेय अमर रहे" के गगनभेदी नारों से गुंजायमान हो उठा।उपस्थित जनसमूह ने देश की आजादी के लिए उनके द्वारा दिए गए सर्वोच्च बलिदान को याद किया।
    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंगल पांडेय विचार सेवा समिति के अध्यक्ष कृष्ण कांत पाठक ने कहा कि "मंगल पांडेय मात्र एक नाम नहीं, बल्कि राष्ट्र की अनमोल धरोहर और बलिया की आन-बान-शान हैं। उनकी एक कुर्बानी ने उस समय की शक्तिशाली अंग्रेजी हुकूमत की चूलें हिला दी थीं। आज के दौर में भी जब-जब समाज में अन्याय और अत्याचार बढ़ता है, हमें अपने भीतर मंगल पांडेय के चरित्र और उनके साहस को आत्मसात करने की आवश्यकता है।" गंगा मुक्ति अभियान के राष्ट्रीय प्रभारी रमाशंकर तिवारी ने कहा कि मंगल पांडेय अन्याय के खिलाफ उठने वाली उस निर्भीक आवाज का नाम है, जिसने पूरे देश में क्रांति की मशाल जलाई थी। उनके विचार आज भी युवाओं को राष्ट्र निर्माण और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ लड़ने की प्रेरणा देते हैं।

    श्रद्धांजलि सभा में मुख्य रूप से  विवेक सिंह, बच्चन जी प्रसाद, गणेश जी सिंह, रणजीत सिंह,
    शंकर प्रसाद चौरसिया, रामजी गिरी, प्रधान विनोद पासवान, पन्नालाल गुप्ता, हरिशंकर पाठक सहित अनेक लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों ने शहीद के पदचिन्हों पर चलने और समाज में वैचारिक क्रांति लाने का संकल्प लिया।

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