उत्तर प्रदेश बलिया
इनपुट:धीरज यादव
दुबहर, बलिया:--क्षेत्र के शिवपुर दियर नई बस्ती ब्यासी में चल रहे नौ दिवसीय श्री शतचंडी महायज्ञ में नैमिषारण्य से पधारे प्रसिद्ध कथा व्यास डॉ. ओंकार नारायण भारद्वाज जी ने अपने प्रवचन के दौरान भगवान श्री कृष्ण की दिव्य बाल लीलाओं एवं वृन्दावन की महिमा का रसपान कराया।
कथावाचक डॉ. भारद्वाज ने गो-महिमा पर विशेष प्रकाश डालते हुए कहा कि चौरासी लाख योनियों में एकमात्र गाय ही ऐसा प्राणी है जिसके पास 'सूर्यनाड़ी' होती है, जो हमें सूर्य के असह्य ताप से बचाती है। उन्होंने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज दुनिया भर में जो वैश्विक तापमान (ग्लोबल वार्मिंग) असह्य होता जा रहा है, उसका एक मुख्य कारण गायों की घटती संख्या है। स्वयं भगवान कृष्ण ने गो-सेवा करके मानव जीवन का सर्वोत्कृष्ट आदर्श प्रस्तुत किया था। उन्होंने प्रभु की गोवर्धन लीला का जीवंत वर्णन करते हुए कहा कि यह लीला हमें प्रकृति पूजा और प्रकृति के प्रति उदारतापूर्ण जीवन जीने का संदेश देती है। जब तक हम प्रकृति का सम्मान नहीं करेंगे, तब तक सुखी मानव जीवन की कल्पना अधूरी है। इससे पूर्व, यज्ञाधीश श्रीप्रकाश मिश्र के सानिध्य में प्रातःकाल 7 बजे से ही वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ का विधि-विधान से आरम्भ किया गया। आहुतियों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय और शुद्ध हो उठा।
श्रीमद्भागवत कथा के इस पावन अवसर पर पूर्व विधायक मंजू सिंह, सोनू सिंह, कृष्णा सिंह, कमलेश सिंह, भगवान जी मिश्रा, अवध तिवारी, गणेश जी सिंह, हर्ष नारायण सिंह, भानु दुबे, कान्हजी सिंह, मानस मर्मज्ञ शिवजी पाठक, राज कुमार तिवारी, चंद्र प्रकाश पाल, मनोज गिरी के साथ ही क्षेत्र के हजारों नर-नारियों ने पाण्डाल में उपस्थित रहकर कथा का रसपान किया और पुण्य के भागी बने।

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