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    Abutilon indicum) अतिबला के बीज और पत्तियों को बवासीर के लिए फायदेमंद अतिबला का उपयोग कैसे करें जानिए : संतोष कुमार गुप्ता

    उत्तर प्रदेश बलिया 
    इनपुट: हिमांशु शेखर 


    बलिया उत्तरप्रदेश:---(Abutilon indicum) 
    अतिबला के बीज और पत्तियों को बवासीर के लिए फायदेमंद माना जाता है, खासकर खूनी बवासीर में। इसके लिए अतिबला के बीज का पेस्ट या पत्तियों का रस इस्तेमाल किया जा सकता है. 

    अतिबला के गुण: 
    यह शरीर में ताकत बढ़ाने में मदद करता है.
    यह शरीर में इंसुलिन बनाने के लिए उत्तेजित करता है, जिससे रक्त में शर्करा का स्तर कम होता है.
    यह खांसी में आराम देता है.
    यह दांतों और मसूड़ों के दर्द से राहत देता है.
    यह मसूड़ों की सूजन से छुटकारा दिलाता है.
    यह सांसों की दुर्गंध से राहत देता है.
    यह बवासीर के लक्षणों से बचाता है.
    यह घाव जल्दी भरने में मदद करता है और दर्द कम करता है.
    यह पथरी होने की समस्या कम करता है.
    यह खांसी के साथ अंदर जमी बलगम बाहर निकालता है.
    अतिबला के बवासीर के लिए फायदे:
    बीज:

    अतिबला के बीज का पेस्ट रेचक गुणों के कारण बवासीर के लिए फायदेमंद हो सकता है. 

    यह मल को ढीला करने और मल त्याग को बढ़ावा देने में मदद करता है. 
    यह मल को आसानी से बाहर निकालने में मदद करता है, जिससे बवासीर का इलाज होता है.
     
    पत्तियां:
    अतिबला की पत्तियों का रस खूनी बवासीर में फायदेमंद होता है. 
    रोज सुबह पांच पत्तियों का रस ठंडे पानी के साथ पीने से बवासीर की परेशानी कम हो सकती है

     
    अतिबला के पत्तों की सब्जी बनाकर खाने से भी बवासीर में लाभ होता है. 
    जड़:
    अतिबला की जड़ के चूर्ण को शहद के साथ मिलाकर या जड़ के काढ़े का सेवन करने से बवासीर में लाभ होता है. 

    अतिबला का उपयोग कैसे करें:
    बीज:
    अतिबला के बीजों को कूटकर रात भर पानी में भिगो लें. 
    इस पानी को 10-20 मिली मात्रा में सुबह खाली पेट पिएं. 
    पत्तियां:
    रोज सुबह पांच पत्तियों को धोकर साफ करें. 
    पत्तियों को कूटकर या मिक्सी में पीसकर रस निकाल लें. 
    इस रस को सुबह ठंडे पानी के साथ पिएं. 
    जड़:
    1-2 ग्राम अतिबला की जड़ के चूर्ण को शहद के साथ मिलाकर सेवन करें. 
    अतिबला की जड़ के 20-30 मिली काढ़े का सेवन करें. 
    ध्यान दें:
    अतिबला का सेवन करने से पहले किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से सलाह जरूर लें. 
    अतिबला की तासीर ठंडी होती है, इसलिए अधिक मात्रा में सेवन करने से सर्दी जैसी समस्या हो सकती है. 
    एक दिन में सिर्फ पांच पत्तियों के रस का ही सेवन करना चाहिए. 
    अतिबला का सेवन बवासीर के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है, लेकिन यह बवासीर का पूर्ण इलाज नहीं है. 
    यदि बवासीर की समस्या गंभीर है, तो डॉक्टर से संपर्क करें.
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