Type Here to Get Search Results !

custum trend menu

Stories

    तलाकशुदा पिता देगा बेटी की शादी और शिक्षा का खर्च:Patana highcourt


    बिहार पटना 
    इनपुट:सोशल मीडिया 
    पटना : ---बिहार की पटना हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि तलाकशुदा हिन्दू पिता को अपनी अविवाहित बेटी की शिक्षा और शादी पर होने वाले खर्च की जिम्मेदारी उठानी होगी, भले ही वह बेटी मां के साथ रह रही हो. यह आदेश जस्टिस पीबी बजनथ्री की खंडपीठ ने श्वेता कुमारी की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया.
    बेटी का अधिकार है शिक्षा और विवाह का खर्च : कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह अधिकार अविवाहित बेटी का वैधानिक हक है. कोर्ट ने पिता को निर्देश दिया कि वह चार महीने के भीतर अपनी बेटी के लिए बीस लाख रुपये की राशि जमा करे, जो उसकी शिक्षा और शादी के खर्च हेतु होगी.
    2003 में हुई थी शादी, 2011 में तलाक की याचिका : पति-पत्नी की शादी 8 जनवरी 2003 को हुई थी और दिसंबर 2004 में बेटी का जन्म हुआ. वर्ष 2011 में पति ने फैमिली कोर्ट, पटना में मानसिक प्रताड़ना और अलगाव के आधार पर तलाक की याचिका दायर की. 5 नवंबर 2022 को फैमिली कोर्ट ने तलाक की अनुमति दे दी.
    हाईकोर्ट में अपील दायर कर मां ने मांगा बेटी के लिए खर्च : निचली अदालत के फैसले के खिलाफ श्वेता कुमारी ने पटना हाईकोर्ट में अपील दायर की. उन्होंने मांग की कि तलाकशुदा पिता उनकी अविवाहित बेटी की पढ़ाई और विवाह के लिए वित्तीय सहायता दे. कोर्ट ने सभी पक्षों की आर्थिक स्थिति का मूल्यांकन करने के बाद यह आदेश पारित किया.

    जेल सिपाही की बहाली का आदेश : पटना हाईकोर्ट ने बक्सर केंद्रीय कारा के बर्खास्त सिपाही को भी बड़ी राहत दी. कोर्ट ने बर्खास्तगी आदेश को निरस्त करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता को सेवा में बहाल किया जाए और उन्हें सभी लाभ दिए जाएं. यह आदेश जस्टिस अरविंद सिंह चंदेल ने अनोज कुमार की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया.
    प्रक्रिया के पालन के बिना की गई थी बर्खास्तगी : याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सुनील कुमार ने बताया कि जेल विभाग ने सेवा से हटाने की प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया. न ही याचिकाकर्ता को अपनी बात रखने का अवसर मिला. वर्ष 2021 के इस मामले में बिना जांच के उन्हें दोषी मान लिया गया था।

    Bottom Post Ad

    Trending News