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उत्तर प्रदेश बलिया
बलिया:-- ब्रह्म प्रत्यक्षानुभूति है, इसे प्रमाणित करना संभव नहीं। वस्तुत: ईश्वर ब्रह्मांड का नियम है जो प्रकृति को नियंत्रित एवं संचालित करता है।
उक्त बातें दुबहर विकासखंड के उदयपुरा स्थित आध्यात्मिक चिंतन संस्थान के कैंप कार्यालय परिसर में त्रिदण्डी स्वामी की 26वीं पुण्यतिथि के अवसर पर "ब्रह्म तत्व मीमांसा" विषयक विमर्श के दौरान गंगा मुक्ति एवं प्रदूषण विरोधी अभियान के राष्ट्रीय प्रभारी एवं त्रिदण्डी स्वामी जी महाराज के शिष्य रमाशंकर तिवारी ने व्यक्त किया। कहा कि ईश्वर अणु-परमाणु में, पत्थर-पहाड़ में तथा ब्रह्मांड के कोने-कोने में समान भाव से विद्यमान है। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए सतीश चंद्र महाविद्यालय के हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉक्टर श्रीपति यादव ने ईश्वर के अनंत रहस्यों की प्रमाणिक व्याख्या विस्तार से की। अध्यक्षता करते हुए इंदिरा इंटर कॉलेज बक्सर के पूर्व प्राचार्य डॉक्टर कमलाकर तिवारी ने त्रिदण्डी स्वामी के जिले एवं देश में किए चातुर्मास्य यज्ञों की महत्ता पर प्रकाश डाला। इसके पूर्व पंडित बैकुंठ मिश्र ने विधि वैदिक रीति से त्रिदण्डी स्वामी की मंत्रोचारण कर अर्चना की। कार्यक्रम का समापन हनुमान चालीसा पाठ करके किया गया।
इस अवसर पर बृजकिशोर तिवारी, प्रदीप तिवारी, अजय किशोर सिंह, शशिकांत मिश्रा, लल्लू सिंह, ऋषि कुमार, यशराज ठाकुर, रवि, आदर्श, अक्षयबर ओझा, राजेश प्रसाद, अभिनव पांडेय, धीरज यादव, गया कुंवर आदि उपस्थित रहे।

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