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    भवसागर से पार उतारने वाली नौका है प्रभु का नाम : पं. अरविंद तिवारी



    उत्तर प्रदेश बलिया 
    इनपुट:धीरज यादव

    ​दुबहर,बलिया:-- क्षेत्र के प्रसिद्ध श्रीराम जानकी मंदिर में आयोजित श्रीराम कथा ज्ञानयज्ञ के तीसरे दिन शुक्रवार की देर शाम कथा का अमृतपान करने हेतु भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। अयोध्या से पधारे सुप्रसिद्ध कथावाचक पंडित अरविंद तिवारी ने प्रभु नाम की महिमा का बखान करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया।
    ​कथा के मुख्य प्रसंग पर प्रकाश डालते हुए पंडित तिवारी ने कहा कि "कलयुग में भगवान का नाम ही वह एकमात्र नौका है, जिस पर सवार होकर जीव इस कठिन भवसागर को आसानी से पार कर सकता है।" उन्होंने बल देते हुए कहा कि मनुष्य को प्रभु के नाम से प्रीति लगानी चाहिए, क्योंकि दिन-रात उनका स्मरण करने से ही आत्मिक और सांसारिक कल्याण संभव है।
    ​कथावाचक ने एक व्यावहारिक सुझाव देते हुए कहा कि लोगों को अपने भवनों और बच्चों के नाम देवी-देवताओं के नाम पर रखने चाहिए। इससे अनजाने में ही सही, लेकिन दिन भर हरिनाम का स्मरण होता रहता है, जो पुण्य फलदायी है। इस दौरान उन्होंने मधुर भजन "अमृत है हरिनाम जगत में.."गाकर सुनाया, जिस पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे।  कथाक्रम को आगे बढ़ाते हुए पंडित अरविंद तिवारी ने भगवान राम द्वारा ​​ताड़का वध, अधर्म के नाश का संदेश, ​अहिल्या उद्धार, प्रभु की कृपा और क्षमाशीलता का दर्शन, ​जनकपुर आगमन, प्रभु के अलौकिक स्वागत की कथा सुनाई। ​इन प्रसंगों का संगीतमय प्रस्तुतीकरण इतना जीवंत था कि पूरा परिसर जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा।
    इस मौके पर श्रीकांत सिंह, उदय नारायण सिंह, वीरेंद्र चौबे, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, केडी सिंह, दयानंद शर्मा, मनजीत सिंह, नीरज सिंह मुनमुन, राजू मिश्रा, विपिन सिंह, त्रिभुवन यादव, अशोक गुप्ता सहित सैकड़ो श्रद्धालु उपस्थित रहे। 

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