उत्तर प्रदेश बलिया
इनपुट:धीरज यादव
दुबहर, बलिया:-- धराधाम पर मानवीय भूल से तंग गंगा ब्रह्मा के कमण्डल में लौट जाने का मन बनाने लगी है। हम सभी को पश्चिमी संस्कृति तथा गंगा के जल दोहन की प्रवृत्ति से गंगा प्रदूषण के बढ़ते संकट को समझना होगा। उक्त बातें गंगा मुक्ति एवं प्रदूषण विरोधी अभियान के राष्ट्रीय प्रभारी रमाशंकर तिवारी ने रविवार को अखार ढाला स्थित मीडिया सेंटर पर आयोजित "गंगा पंचायत" को संबोधित करते हुए कहा।
उन्होंने कहा कि प्रदूषण के प्रहार से मोक्षदायिनी गंगा का दम घूंट रहा है। गंगा में गिरने वाले नालें इसके प्रमुख प्रमाण हैं। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि सांस्कृतिक पर्वों पर गंगा प्रदूषण को मिल रहे बढ़ावे पर लगाम लगाने की व्यवस्था करें। श्री तिवारी ने नदी सभ्यता के संकट को पूरी मानवता के लिए गंभीर चेतावनी का संकट बताया। कार्यक्रम में टीडी कॉलेज के प्रोफेसर संतोष प्रसाद गुप्त ने जलवायु परिवर्तन को भी गंगा के लिए खतरा बताया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को "गंगा चालीसा" की प्रति भेंट की गई।
इस मौके पर अजीत कुमार वर्मा, शशिकांत मिश्र, दिनेश मिश्र, बब्बन विद्यार्थी, मनजीत सिंह 'लगन', नमो नारायण यादव, नमन कुमार पाठक, दर्दर गिरी, संजय जायसवाल आदि लोग मौजूद रहे। अध्यक्षता डॉ0 हरेंद्रनाथ यादव तथा संचालन वरिष्ठ पत्रकार रणजीत सिंह ने किया।

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